बड़े अदब और एहतराम के साथ उन सभी लड़कियों के नाम जो लादी हुई ज़िंदगी जीने के बजाय चुनी हुई ज़िंदगी जीना पसंद करती हैं ! कुछ के नाम खास तौर पर ;)
वो लड़की जैसे नग़मा है
स्कूल को जाती बच्ची का
वो लड़की जैसे पैराहन (लिबास)
इक रंग बिरंगी तितली का
वो लड़की जैसे आतिश है
पैकरे (शरीर) हुस्न में जो ढल गई
वो लड़की एक मुहब्बत है
दुनिया से आगे निकल गई
वो लड़की एक बगावत है
सब ज़ंग आलूद(ज़ंग लगे हुए) रिवाजों को
वो लड़की कोई मुसीबत है
सब ना माकूल(अनुपयुक्त) समाजों को
वो लड़की जैसे शाहीं (ऊंचा उड़ने वाला बाज़) है
परवाज़ की हसरत साथ लिए
वो लड़की जैसे सुब्ह-ए-नौ (नई सुबह)
पहचान का परचम हाथ लिए
वो लड़की जैसे ज़र्ब (हथौड़ा) कोई
जिसने बंदिश को तोड़ा हो
वो लड़की जैसे कर्ब (दुख) कोई
जिसने ख्वाहिश को छोड़ा हो
वो लड़की जैसे मां कोई
जिसके पैरों में जन्नत है
वो लड़की जैसे बेटी है
जो घर में है तो बरकत है
वो लड़की जैसे बहन कोई
जो बिन राखी बन जाती है
वो लड़की जैसे दोस्त कोई
जो रूठ के फिर मन जाती है
वो लड़की जैसे जानां (महबूबा) हो
जो छेड़ करे शरमा जाए
वो लड़की जैसे पूंजी हो
जो वक्त पड़े तो काम आए
वो लड़की जैसे फूल कोई
न बनठन है न सजधज है
वो लड़की जैसे जादू है
जिसको देखूं तो अचरज है
वो लड़की जैसे तिफ्ल (बच्चा) कोई
जो चांद की ज़िद पर अड़ जाए
वो लड़की जैसे ग़ाजी (विजेता) हो
जो चांद को भी लेकर आए
वो लड़की जैसे चांद है खुद
जो मेरी ज़मी पर आया है
वो लड़की जैसे सिफत (योग्यता) कोई
जिसको किस्मत से पाया है




1 comments:
kya baat... bhut maza aaya...
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