वक्त ने मुझसे तुझे छीन लिया है लेकिन
मै जियूंगा तेरे ख्वाबों में समाने के लिए
मै जियूंगा तेरी अज़मत का निगहबां बनकर
मै जियूंगा तुझे जिल्लत से बचाने के लिए
मै तेरे दिल पे कोई आंच न आने दूंगा
मै बढूंगा तुझे सीने से लगाने के लिए
जिन्दगी आइना बरदोश खड़ी है कबसे
मुझको तेरी ही कोई शक्ल दिखाने के लिए
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